भक्त सप्तरत्न (हिन्दी)

भक्त-चरित्र (श्रेणी)
एमआरपी15

पुस्तक के बारे में

कोड173
भाषाहिन्दी
पृष्ठों की संख्या 80
पुस्तकाकार पुस्तकाकार (13.5cm*20.32cm)
हार्ड बाउंड MRP 15

विवरण

भक्त चाहे किसी भी देश, काल, जातिमें उत्पन्न क्यों न हो भगवद्भक्तिके प्रभावसे वह सर्वपूज्य संत बन जाता है। इस भक्तचरितमालामें ऐसे ही प्रेमी भक्त दामाजी पंत, रघु केवट, कूबा कुम्हार, यवन भक्त सालबेग आदिके सुन्दर चरित्र पिरोये हुए हैं। (कोड नं. 841) कन्नड़ और (कोड नं. 1082) गुजरातीमें भी उपलब्ध।

Gita Press Gorakhpur

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