Gita Tattva Vivechani Hindi bhagavad gita in hindi

गीता तत्व विवेचनी श्री जयदयाल जी गोयंदका द्वारा | भाषा: हिंदी | कोड: 3

श्रीमद्भगवद्गीता (श्रेणी)
एमआरपी200

पुस्तक के बारे में

कोड3
भाषाहिन्दी
पृष्ठों की संख्या 672
पुस्तकाकार ग्रन्थाकार (18.62cm*27.1cm)
हार्ड बाउंड MRP 200

विवरण

"श्रीमद् भगवद् गीता – तत्व विवेचनी भगवान कृष्ण और अर्जुन के बीच दिव्य बातचीत पर सबसे सम्मानित और आधिकारिक कमेंट्री में से एक है, जिसे श्री जयदयाल जी गोयंदका ने साफ़ और भक्ति के साथ लिखा है और गीता प्रेस, गोरखपुर ने पब्लिश किया है।


यह किताब भगवद् गीता के ओरिजिनल संस्कृत श्लोकों के साथ-साथ डिटेल्ड हिंदी एक्सप्लेनेशन (हिंदी टीका) भी देती है, जिससे पढ़ने वाले हर श्लोक के पीछे का असली मतलब (तत्वविवेचन) समझ सकें। यह कर्म योग, भक्ति योग और ज्ञान योग के मुख्य आध्यात्मिक सच को सामने लाती है, और पढ़ने वालों को नेकी, बैलेंस और मन की शांति वाली ज़िंदगी की ओर गाइड करती है।"


श्री जयदयाल जी गोयंदका की भगवद् गीता पर एक गहरी समझ देने वाली हिंदी कमेंट्री, जिसे गीता प्रेस, गोरखपुर ने पब्लिश किया है — जो भगवान कृष्ण की शिक्षाओं के आध्यात्मिक सार और हमेशा रहने वाले ज्ञान को दिखाती है।


प्रमुख विशेषताऐं :

• ओरिजिनल संस्कृत श्लोक, सटीक हिंदी ट्रांसलेशन और कमेंट्री के साथ

• गीता प्रेस के फाउंडर श्री जयदयाल जी गोयंदका द्वारा लिखा गया

• गीता प्रेस, गोरखपुर द्वारा पब्लिश किया गया — जो 1923 से भारत का सबसे भरोसेमंद स्पिरिचुअल पब्लिशर है

• धर्म, सेल्फ-रियलाइज़ेशन और दिव्य ज्ञान को समझने के लिए एक गहरी गाइड

• रोज़ाना स्पिरिचुअल स्टडी के लिए अनुभवी साधकों के लिए आइडियल

Gita - Tattva - Vivechani (Hindi)

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