जय हनुमान (हिन्दी)

चित्रकथा (श्रेणी)
एमआरपी35

पुस्तक के बारे में

कोड787
भाषाहिन्दी
पृष्ठों की संख्या 36
पुस्तकाकार ग्रन्थाकार (18.62cm*27.1cm)
हार्ड बाउंड MRP 35

विवरण

भारतीय जनता के लिये श्री हनुमान जी का चरित्र सदैव से प्रेरणा का स्रोत रहा है। इस पुस्तक में श्री हनुमान जी की सत्रह लीलाओं का ऐसा अनोखा चित्रण है, जो पाठकों को मन्त्रमुग्ध कर देता है। हनुमान जी की प्रत्येक लीला के साथ उससे सम्बन्धित आकर्षक चित्र भी दिये गये हैं।

Gita Press Gorakhpur

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