ओम नमः शिवाय (हिन्दी)

चित्रकथा (श्रेणी)
एमआरपी35

पुस्तक के बारे में

कोड204
भाषाहिन्दी
पृष्ठों की संख्या 36
पुस्तकाकार ग्रन्थाकार (18.62cm*27.1cm)
हार्ड बाउंड MRP 35

विवरण

विशाल भारत के अनेकों स्थानों पर लिंगरूप से भगवान् शिव की पूजा-अर्चना होती चली आ रही है। ये स्वल्प उपासना से प्रसन्न होकर भक्तों को मनोवाञ्छित फल प्रदान करते हैं। इस पुस्तक में भगवान् शिव के द्वादश ज्योतिर्लिंगों का सरल परिचय दिया गया है। इस में ज्योतिर्लिंगों के उद्भव, विकास तथा माहात्म्य का मनोहर विवेचन है। पुस्तक में द्वादश ज्योतिर्लिंगों का आकर्षक रंगीन चित्र भी दिया गया है।

Gita Press Gorakhpur

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