प्रेमयोग का तत्व (हिन्दी)

श्रीजयदयालजी गोयन्दकाके शीघ्र कल्याणकारी प्रकाशन (श्रेणी)
एमआरपी45

पुस्तक के बारे में

कोड527
भाषाहिन्दी
पृष्ठों की संख्या 192
पुस्तकाकार पुस्तकाकार (13.5cm*20.32cm)
हार्ड बाउंड MRP 45

विवरण

इस पुस्तकमें प्रेमका स्वरूप, श्रद्धा और प्रेम, प्रेम और शरणागति आदि अनेक महत्त्वपूर्ण विषयोंके विशद विश्लेषणके साथ भगवान् श्रीरामके प्रति महाराज दशरथ, भरत, लक्ष्मण, शत्रुघ्न, सीता सुतीक्ष्ण आदिके अलौकिक प्रेम-भावका अनुकरणीय आदर्श प्रस्तुत किया गया है।

Shri Jayadayal Ji Goyendka

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