श्रीमद्भगवदगीता भाषा | भाषा: हिंदी | कोड: 19

श्रीमद्भगवद्गीता (श्रेणी)
एमआरपी25

पुस्तक के बारे में

कोड19
भाषाहिन्दी
पृष्ठों की संख्या 144
पुस्तकाकार पुस्तकाकार (13.5cm*20.32cm)
हार्ड बाउंड MRP 25

विवरण

श्रीमद् भगवद् गीता भाषा सरल, प्रत्यक्ष और आसानी से समझ में आने वाले हिंदी अनुवाद के साथ प्रस्तुत की गई है। गीता प्रेस, गोरखपुर द्वारा प्रकाशित यह संस्करण उन पाठकों के लिए तैयार किया गया है जो विस्तृत व्याख्या या जटिल दार्शनिक टिप्पणियों के बिना गीता के सार को समझना चाहते हैं।


प्रत्येक श्लोक के साथ सरल हिंदी व्याख्या दी गई है जो पाठकों को भगवान कृष्ण के अर्थ और संदेश को तुरंत समझने में मदद करती है। यह संस्करण शुरुआती लोगों, छात्रों, युवा पाठकों और गीता के सरल अनुवाद की तलाश करने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए आदर्श है।


दैनिक पठन, आध्यात्मिक अभ्यास, सत्संग अध्ययन और आत्मचिंतन के लिए उपयुक्त, यह पुस्तक भगवद् गीता के शाश्वत ज्ञान में प्रवेश करने का एक सरल माध्यम है—जो कर्म, भक्ति, अनुशासन, आत्मज्ञान और आंतरिक शांति को समाहित करती है।


हर घर, विद्यालय और आश्रम के लिए एक अत्यंत सुलभ आध्यात्मिक साथी।


शुरुआती लोगों, छात्रों और दैनिक पाठ के लिए भगवद् गीता का स्पष्ट और पठनीय हिंदी अनुवाद।


मुख्य विशेषताएं :

सरल हिंदी अनुवाद – प्रत्येक श्लोक को शीघ्रता से समझने के लिए आसान भाषा।

संपूर्ण संस्कृत गीता पाठ – सभी 18 अध्याय मूल रूप में शामिल हैं।

प्रारंभिक-अनुकूल प्रारूप – नए पाठकों या सरल पाठ चाहने वालों के लिए आदर्श।

दैनिक पाठ के लिए उत्तम – गृह पाठ, ध्यान और सत्संग समूहों के लिए उपयुक्त।

आध्यात्मिक आधार निर्माण में सहायक – कर्म-योग, भक्ति-योग और ज्ञान-योग की प्रमुख शिक्षाओं को समाहित करता है।

उच्च गुणवत्ता वाला गीता प्रेस संस्करण – स्वच्छ मुद्रण, टिकाऊ बंधन और भक्तिपूर्ण आवरण चित्र।

उपहार के लिए आदर्श – छात्रों, बुजुर्गों, शिक्षकों और आध्यात्मिक यात्रा की शुरुआत करने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए उपयुक्त।

Gita Press Gorakhpur

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