श्रीमद्भगवद्गीता भाषा टीका शोलाकार्थ सहित | भाषा: गुजराती | कोड: 1315

श्रीमद्भगवद्गीता (श्रेणी)
एमआरपी50

पुस्तक के बारे में

कोड1315
पृष्ठों की संख्या 288
पुस्तकाकार पुस्तकाकार (13.5cm*20.32cm)
हार्ड बाउंड MRP 50

विवरण

"श्रीमद् भगवद गीता (श्लोकार्थ सहित)" गीता प्रेस, गोरखपुर द्वारा प्रकाशित सबसे लोकप्रिय और आसानी से उपलब्ध एडिशन में से एक है, जिसे इसकी आध्यात्मिक प्रामाणिकता और स्पष्टता के लिए सम्मान दिया जाता है।


यह एडिशन भगवद गीता के हर संस्कृत श्लोक को उसके सरल और सटीक गुजराती अर्थ के साथ प्रस्तुत करता है, जिससे पाठक भगवान कृष्ण की दिव्य शिक्षाओं के सार को सीधे समझ सकें।


यह पुस्तक कर्म योग (कर्म का मार्ग), भक्ति योग (भक्ति का मार्ग), और ज्ञान योग (ज्ञान का मार्ग) के माध्यम से सही जीवन जीने, आत्म-साक्षात्कार और आंतरिक शांति के लिए एक व्यावहारिक मार्गदर्शक के रूप में काम करती है।


इसकी सरलता इसे सभी उम्र के पाठकों - छात्रों, साधकों और भक्तों - सभी के लिए आदर्श बनाती है।


भगवद गीता का एक संपूर्ण गुजराती एडिशन जिसमें हर संस्कृत श्लोक का गुजराती में अर्थ दिया गया है, जिसे आसान समझ और दैनिक चिंतन के लिए स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत किया गया है।


मुख्य विशेषताएं :

• श्रीमद् भगवद गीता का पूरा पाठ संस्कृत में गुजराती अर्थों के साथ (श्लोकार्थ सहित)।

• आसान दैनिक अध्ययन के लिए स्पष्ट और संक्षिप्त व्याख्या।

• पारंपरिक टीका और सनातन धर्म दर्शन के प्रति निष्ठावान।

• गीता प्रेस गोरखपुर द्वारा प्रकाशित, जो 1923 से प्रामाणिक आध्यात्मिक साहित्य के लिए प्रसिद्ध है।

• भक्तिपूर्ण पठन, शिक्षण और उपहार देने के लिए एकदम सही।

Gita Press Gorakhpur

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