श्रीमद्भगवद्गीता-ज्ञान-प्रवेशिका | भाषा: हिंदी | कोड: 464
श्रीमद्भगवद्गीता (श्रेणी)विवरण
"आदरणीय स्वामी रामसुखदास द्वारा रचित 'गीता-ज्ञान-प्रवेशिका' भगवद् गीता के मूलभूत ज्ञान का एक आधारभूत परिचय है। सरल और सुलभ हिंदी में लिखी गई यह पुस्तक पाठकों को गीता के मूल सिद्धांतों को समझने और आत्मसात करने में सहायता करती है।
यह ग्रंथ आत्मा का स्वरूप, कर्तव्य, भक्ति, वैराग्य, कर्म-योग और मानव जीवन के उद्देश्य जैसे प्रमुख विचारों की व्याख्या करता है। स्वामी रामसुखदास इन शिक्षाओं को स्पष्ट और व्यावहारिक ढंग से प्रस्तुत करते हैं—जिससे गीता का दर्शन रोजमर्रा के जीवन के लिए प्रासंगिक बन जाता है।
शुरुआती लोगों, छात्रों, सत्संग समूहों और आध्यात्मिक ज्ञान में व्यवस्थित प्रवेश चाहने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए आदर्श, यह पुस्तक गीता के गहन अध्ययन का द्वार है। गीता प्रेस, गोरखपुर द्वारा प्रकाशित, यह पुस्तक उसी शुद्धता, स्पष्टता और भक्तिमय सार को बनाए रखती है जिसके लिए गीता प्रेस प्रसिद्ध है।
सही समझ, विचार की स्पष्टता और आंतरिक स्थिरता विकसित करने के उद्देश्य से आध्यात्मिक साधकों के लिए एक मूल्यवान साथी।"
भगवद् गीता के मूल ज्ञान को समझने के लिए एक परिचयात्मक मार्गदर्शिका
मुख्य विशेषताएं :
गीता परिचयात्मक मार्गदर्शिका – भगवद् गीता की मूलभूत शिक्षाओं को समझने के लिए एक स्पष्ट आधार प्रदान करती है।
स्वामी रामसुखदास द्वारा लिखित – अपने सरल और व्यावहारिक व्याख्याओं के लिए प्रसिद्ध, विख्यात गीता विद्वान।
सरल और सुलभ भाषा – शुरुआती लोगों, छात्रों और सभी आयु वर्ग के पाठकों के लिए उपयुक्त।
प्रमुख अवधारणाओं का समावेश – आत्मज्ञान, कर्म योग, भक्ति, वैराग्य और जीवन के उद्देश्य की व्याख्या करता है।
सत्संग और स्व-अध्ययन के लिए आदर्श – अध्ययन मंडलियों, दैनिक चिंतन और आध्यात्मिक अभ्यास के लिए उपयुक्त।
उच्च गुणवत्ता वाली गीता प्रेस प्रकाशन – स्वच्छ मुद्रण, टिकाऊ बंधन और भक्तिपूर्ण चित्र।
उत्कृष्ट आध्यात्मिक उपहार – गीता दर्शन या हिंदू धर्मग्रंथों के अध्ययन की शुरुआत करने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए उपयोगी।

