श्रीमद्भगवदगीता - पादच्छेदा अन्वय | भाषा: बांग्ला | कोड: 13

श्रीमद्भगवद्गीता (श्रेणी)
एमआरपी80

पुस्तक के बारे में

कोड13
पृष्ठों की संख्या 512
पुस्तकाकार पुस्तकाकार (13.5cm*20.32cm)
हार्ड बाउंड MRP 80

विवरण

श्रीमद् भगवद् गीता (बांग्ला संस्करण) भगवान कृष्ण की शाश्वत शिक्षाओं को बांग्ला पाठकों के लिए विशेष रूप से तैयार किए गए प्रारूप में प्रस्तुत करती है। इस संस्करण में मूल संस्कृत पाठ, पद्चेद-अन्वय (शब्द पृथक्करण और व्याकरणिक संबंध) और एक सरल बांग्ला टीका शामिल है, जिससे पाठक प्रत्येक श्लोक को चरण दर चरण स्पष्टता से समझ सकें।


गीता प्रेस, गोरखपुर द्वारा प्रकाशित यह संस्करण पाठकों को कर्म-योग, भक्ति-योग और ज्ञान-योग के सार को समझने में मदद करता है, जिससे वे आंतरिक शांति, धार्मिक जीवन और आध्यात्मिक जागृति की ओर अग्रसर होते हैं। टीका सरल बांग्ला भाषा में लिखी गई है, जिससे गीता नौसिखियों, छात्रों, गृहिणियों, युवाओं और बुजुर्गों सभी के लिए सुलभ हो जाती है।


दैनिक पठन, अध्ययन समूहों, सत्संगों और व्यक्तिगत चिंतन के लिए उपयुक्त, यह संस्करण कृष्ण और अर्जुन के बीच दिव्य संवाद को जीवंत बनाता है, और आधुनिक चुनौतियों के लिए व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करता है।


प्रत्येक बांग्ला भाषी परिवार और भक्त के लिए एक मूल्यवान आध्यात्मिक साथी।


भगवान कृष्ण और अर्जुन के बीच का यह शाश्वत संवाद, आसान पठन और आध्यात्मिक चिंतन के लिए सरल बांग्ला व्याख्या के साथ बड़े देवनागरी अक्षरों में प्रस्तुत किया गया है।


मुख्य विशेषताएं :

मूल संस्कृत पाठ – भगवद् गीता के संपूर्ण 18 अध्याय पारंपरिक रूप में।

पच्छेद-अन्वेत प्रारूप – शब्दों का पृथक्करण और जुड़ाव पाठकों को प्रत्येक श्लोक को आसानी से समझने में सहायता करता है।

बांग्ला टीका शामिल – सरल व्याख्याएं जो जटिल अवधारणाओं को स्पष्ट और समझने योग्य बनाती हैं।

शुरुआती और उन्नत पाठकों के लिए आदर्श – छात्रों, साधकों और नियमित गीता पाठकों के लिए उपयुक्त।

दैनिक पाठ और अध्ययन के लिए उत्तम – सत्संग, कक्षा अध्ययन और आत्मचिंतन के लिए उपयोगी।

उच्च गुणवत्ता वाला गीता प्रेस संस्करण – स्वच्छ मुद्रण, टिकाऊ बंधन और प्रामाणिक प्रस्तुति।

सार्थक आध्यात्मिक उपहार – त्योहारों, गृहप्रवेश, प्रवचनों और परिवार एवं बड़ों को उपहार देने के लिए आदर्श।


Gita Press Gorakhpur

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