श्रीमद्भगवद्गीता श्लोकार्थसहित | भाषा: उड़िया | कोड: 815
श्रीमद्भगवद्गीता (श्रेणी)विवरण
श्रीमद् भगवद् गीता, भारतीय दर्शन का मुकुट रत्न, कुरुक्षेत्र के युद्ध के मैदान में भगवान कृष्ण द्वारा अर्जुन को दिए गए दिव्य उपदेशों को प्रस्तुत करती है। यह सही जीवन जीने, आत्म-साक्षात्कार और आंतरिक शांति के लिए एक मार्गदर्शक है।
गीता प्रेस, गोरखपुर का यह बड़े अक्षरों वाला संस्करण (मोटे अक्षरवाली) मूल संस्कृत श्लोकों के साथ सरल और स्पष्ट उड़िया टीका (साधारण भाषाटीका) शामिल है। बड़े, स्पष्ट देवनागरी लिपि में डिज़ाइन किया गया, यह संस्करण सभी आयु समूहों, विशेष रूप से बुजुर्गों और रोज़ाना पढ़ने वालों के लिए आसान पठन सुनिश्चित करता है।
भगवान कृष्ण और अर्जुन के बीच कालातीत संवाद - आसान पठन और आध्यात्मिक चिंतन के लिए सरल उड़िया टीका के साथ बड़े देवनागरी प्रिंट में प्रस्तुत किया गया है।
मुख्य विशेषताएं :
• उड़िया अनुवाद और टीका के साथ मूल संस्कृत पाठ
• आरामदायक पढ़ने के लिए बड़ा, स्पष्ट फ़ॉन्ट
• गीता प्रेस, गोरखपुर द्वारा प्रकाशित - भारत का सबसे भरोसेमंद आध्यात्मिक प्रकाशक
• दैनिक अध्ययन, भक्ति या उपहार देने के लिए आदर्श
• धर्म, कर्म, भक्ति और योग पर प्रमुख शिक्षाओं की व्याख्या करता है

