श्रीभगवानम चिंतन (हिन्दी)

परम श्रध्देय श्रीहनुमानप्रसादजी पोद्दार (भाईजी )-के अनमोल प्रकाशन (श्रेणी)
एमआरपी25
उपलब्ध नहीं है

पुस्तक के बारे में

कोड338
भाषाहिन्दी
पृष्ठों की संख्या 208
पुस्तकाकार पुस्तकाकार (13.5cm*20.32cm)
हार्ड बाउंड MRP 25

विवरण

हमारे शास्त्रों में श्रीभगवन्नाम की महिमा अतुलनीय है। कलियुगी प्राणियों के लिये भगवन्नाम ही परम साध्य और साधन है। प्रस्तुत पुस्तक श्रद्धेय श्री भाईजी के भगवन्नाम-विषयक लेखों, विचारों और पत्रों का सुन्दर संग्रह है। इसके पठन-पाठन से नाम-जप में सहज ही निष्ठा होती है।

Shri Hanuman Prasad Ji Poddar

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