
तत्त्व-चिन्तामणि
श्रीजयदयालजी गोयन्दकाके शीघ्र कल्याणकारी प्रकाशन (श्रेणी)एमआरपी ₹ 25
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विवरण
अलग-अलग सात भागों तथा विभिन्न शीर्षकों की तेरह पुस्तकों में पूर्व प्रकाशित सरल एवं व्यावहारिक शिक्षाप्रद लेखों के इस ग्रन्थाकार संकलन में गीता-रामायण आदि ग्रन्थों के सार तत्त्वों का संग्रह है। इसके अध्ययन से साधन-सम्बन्धी सभी जिज्ञासाओं का सहज ही समाधान हो जाता है। यह प्रत्येक घर में अवश्य रखने एवं उपहार में देने योग्य एक कल्याणकारी ग्रन्थ है।
यह पुस्तक इस ग्रंथमाला के छठे भाग का पहला खण्ड है।
Shri Jayadayal Ji Goyendka
