
श्री हरिविजय
श्री हरिविजय · मराठी · आकार: बड़ा (ग्रन्थाकार) · कोड: 1950
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गीता प्रेस, गोरखपुर द्वारा प्रकाशित भजन सुधा, भक्तिमय भजनों, स्तुतियों और प्रार्थनाओं का एक सुंदर संकलन है, जो मन को उन्नत करने और भगवान विष्णु और अन्य देवताओं के प्रति शुद्ध भक्ति जागृत करने के लिए रचित हैं। सरल, मधुर हिंदी में लिखे गए ये भजन सामूहिक गायन, गृह पूजा, सत्संग, सुबह-शाम की प्रार्थना और व्यक्तिगत भक्ति के लिए उपयुक्त हैं। पुस्तक में भक्तिमय कलाकृतियाँ हैं, जिनमें विनम्रता से बैठे एक भक्त की हार्दिक प्रार्थनाओं को ग्रहण करते हुए भगवान विष्णु की दिव्य उपस्थिति को दर्शाया गया है। इस पुस्तक में शामिल भजन प्रेम, समर्पण, कृतज्ञता और आध्यात्मिक जागृति पर बल देते हैं, जिससे यह सभी आयु वर्ग के भक्तों—बच्चों, युवाओं, बुजुर्गों और आध्यात्मिक साधना में आरंभ करने वालों—के लिए आदर्श है। प्रमुख विशेषताऐं यह संस्करण दैनिक पठन, आध्यात्मिक चिंतन, सत्संग और भक्ति अध्ययन के लिए आदर्श है, जो साहित्यिक सौंदर्य और गहन आध्यात्मिक अंतर्दृष्टि दोनों प्रदान करता है। इसमें निहित शाश्वत शिक्षाएँ आंतरिक पवित्रता, भक्ति और कृष्ण-केंद्रित जीवन शैली को प्रेरित करती हैं। यह पुस्तक भगवान श्री कृष्ण के प्रति भक्ति और प्रेम को बढ़ावा देती है। आध्यात्मिक अनुशासन और दैनिक भक्ति अभ्यास को बढ़ाती है। नैतिक जीवन और धार्मिक आचरण को प्रोत्साहित करती है। शांति, स्पष्टता और भावनात्मक संतुलन प्रदान करती है। शास्त्रीय मराठी भक्ति साहित्य का संरक्षण और प्रचार करती है।
भाषा
प्रारूप
एसकेयू: 1950
गीता प्रेस, गोरखपुर द्वारा प्रकाशित भजन सुधा, भक्तिमय भजनों, स्तुतियों और प्रार्थनाओं का एक सुंदर संकलन है, जो मन को उन्नत करने और भगवान विष्णु और अन्य देवताओं के प्रति शुद्ध भक्ति जागृत करने के लिए रचित हैं। सरल, मधुर हिंदी में लिखे गए ये भजन सामूहिक गायन, गृह पूजा, सत्संग, सुबह-शाम की प्रार्थना और व्यक्तिगत भक्ति के लिए उपयुक्त हैं। पुस्तक में भक्तिमय कलाकृतियाँ हैं, जिनमें विनम्रता से बैठे एक भक्त की हार्दिक प्रार्थनाओं को ग्रहण करते हुए भगवान विष्णु की दिव्य उपस्थिति को दर्शाया गया है। इस पुस्तक में शामिल भजन प्रेम, समर्पण, कृतज्ञता और आध्यात्मिक जागृति पर बल देते हैं, जिससे यह सभी आयु वर्ग के भक्तों—बच्चों, युवाओं, बुजुर्गों और आध्यात्मिक साधना में आरंभ करने वालों—के लिए आदर्श है।
प्रमुख विशेषताऐं
यह संस्करण दैनिक पठन, आध्यात्मिक चिंतन, सत्संग और भक्ति अध्ययन के लिए आदर्श है, जो साहित्यिक सौंदर्य और गहन आध्यात्मिक अंतर्दृष्टि दोनों प्रदान करता है।
इसमें निहित शाश्वत शिक्षाएँ आंतरिक पवित्रता, भक्ति और कृष्ण-केंद्रित जीवन शैली को प्रेरित करती हैं।
यह पुस्तक भगवान श्री कृष्ण के प्रति भक्ति और प्रेम को बढ़ावा देती है।
आध्यात्मिक अनुशासन और दैनिक भक्ति अभ्यास को बढ़ाती है।
नैतिक जीवन और धार्मिक आचरण को प्रोत्साहित करती है।
शांति, स्पष्टता और भावनात्मक संतुलन प्रदान करती है।
शास्त्रीय मराठी भक्ति साहित्य का संरक्षण और प्रचार करती है।
- 288 पृष्ठ
- भाषा: मराठी
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