
सूर-साहित्य
हिंदी भक्ति काव्य
सूर-विनय-पत्रिका · हिंदी · आकार: मध्यम (पुस्तकाकार) · कोड: 61 · हिन्दी
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महाकवि श्री सूरदास जी के द्वारा विरचित 309 पदों के इस संग्रह में वैराग्य, अनित्यता, विनय, प्रबोध तथा चेतावनी आदि विषयों का सुन्दर वर्णन है। पुस्तक में आये हुए मुख्य कथा-प्रसंग पुस्तक के अन्त में परिशिष्ट के रूप में दिए गये हैं।
भाषा
हिन्दी
प्रारूप
मुद्रित
एसकेयू: 61
टैग:Shri Soordas Ji
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महाकवि श्री सूरदास जी के द्वारा विरचित 309 पदों के इस संग्रह में वैराग्य, अनित्यता, विनय, प्रबोध तथा चेतावनी आदि विषयों का सुन्दर वर्णन है। पुस्तक में आये हुए मुख्य कथा-प्रसंग पुस्तक के अन्त में परिशिष्ट के रूप में दिए गये हैं।
- 288 पृष्ठ
- भाषा: हिन्दी
- उत्तम कागज पर टिकाऊ हार्ड बाइंडिंग
- प्रामाणिक गीता प्रेस संस्करण, पीढ़ियों से विश्वसनीय
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