
परलोक और पुनर्जन्म की सत्य घटनाएँ
परलोक और पुनर्जन्म की सत्य घटनाएँ · हिंदी · आकार: मध्यम (पुस्तकाकार) · कोड: 888 · हिन्दी
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भारतीय संस्कृति और हिन्दू-धर्म में पुनर्जन्म का सिद्धान्त निर्विवाद रूप में स्वीकार किया गया है। जीव अपने कर्मानुसार समय-समय पर विभिन्न योनियों में जन्म लेता है और सुख-दुःख का फल भोगता है। इस पुस्तक में पुनर्जन्म के सिद्धान्त को पुष्ट करनेवाली 24 सत्य घटनाओं का कथानक के रूपमें सुन्दर चित्रण किया गया है।
एसकेयू: 888
अन्य भाषाओं में उपलब्ध: बाँग्ला, तेलुगू
भारतीय संस्कृति और हिन्दू-धर्म में पुनर्जन्म का सिद्धान्त निर्विवाद रूप में स्वीकार किया गया है। जीव अपने कर्मानुसार समय-समय पर विभिन्न योनियों में जन्म लेता है और सुख-दुःख का फल भोगता है। इस पुस्तक में पुनर्जन्म के सिद्धान्त को पुष्ट करनेवाली 24 सत्य घटनाओं का कथानक के रूपमें सुन्दर चित्रण किया गया है।
- 160 पृष्ठ
- भाषा: हिन्दी
- उत्तम कागज पर टिकाऊ हार्ड बाइंडिंग
- प्रामाणिक गीता प्रेस संस्करण, पीढ़ियों से विश्वसनीय
इस कृति के सभी संस्करण
3 संस्करण · 3 भाषाएँ| संस्करण | भाषा | पृष्ठ | कोड | मूल्य |
|---|---|---|---|---|
| परलोक और पुनर्जन्म की सत्य घटनाएँ | बाँग्ला | 144 | 1496 | ₹25 |
| परलोक और पुनर्जन्म की सत्य घटनाएँ (यह पृष्ठ) | हिन्दी | 160 | 888 | ₹30 |
| परलोक पुनर्जन्म की सत्य घटनाएँ | तेलुगू | 192 | 1879 | ₹30 |
परलोक और पुनर्जन्म की सत्य घटनाएँ · बाँग्लाकोड 1496 · 144 पृष्ठ · ₹25

परलोक और पुनर्जन्म की सत्य घटनाएँ · हिन्दी
कोड 888 · 160 पृष्ठ · ₹30 · यह पृष्ठ
परलोक पुनर्जन्म की सत्य घटनाएँ · तेलुगूकोड 1879 · 192 पृष्ठ · ₹30
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