
अच्छे बनो
हिंदी · आकार: मध्यम (पुस्तकाकार) · कोड: 425 · हिन्दी
Estimated delivery: 5–12 days (enter pincode for a tighter window) · India Post
मानव अपने उद्धार और पतन का दायित्व स्वतः वहन करता है, अतः उसे कर्तव्य-कर्म को शास्त्रोचित ढंग से सम्पादित करते हुए केवल उत्कट अभिलाषा से परमात्मज्ञान प्राप्त कर जीवन के लक्ष्य को प्राप्त कर लेना चाहिये। प्रस्तुत पुस्तक में व्यवहार तथा परमार्थ-सम्बन्धी अनेक लेखों का संग्रह किया गया है।
प्रारूप
एसकेयू: 425
अन्य भाषाओं में उपलब्ध: अंग्रेज़ी, गुजराती, नेपाली
मानव अपने उद्धार और पतन का दायित्व स्वतः वहन करता है, अतः उसे कर्तव्य-कर्म को शास्त्रोचित ढंग से सम्पादित करते हुए केवल उत्कट अभिलाषा से परमात्मज्ञान प्राप्त कर जीवन के लक्ष्य को प्राप्त कर लेना चाहिये। प्रस्तुत पुस्तक में व्यवहार तथा परमार्थ-सम्बन्धी अनेक लेखों का संग्रह किया गया है।
- 80 पृष्ठ
- भाषा: हिन्दी
- उत्तम कागज पर टिकाऊ हार्ड बाइंडिंग
- प्रामाणिक गीता प्रेस संस्करण, पीढ़ियों से विश्वसनीय
इस कृति के सभी संस्करण
4 संस्करण · 4 भाषाएँ
अच्छे बनो · अंग्रेज़ीकोड 474 · 160 पृष्ठ · ₹30
अच्छे बनो · गुजरातीकोड 1987 · 80 पृष्ठ · ₹15

अच्छे बनो · हिन्दी
कोड 425 · 80 पृष्ठ · ₹15 · यह पृष्ठ
असल बनो · नेपालीकोड 2077 · 80 पृष्ठ · ₹12
त्वरित शिपिंग
पूरे भारत में डिलीवरी
सुविधाजनक भुगतान
यूपीआई, कार्ड और कैश ऑन डिलीवरी
24x7 सहायता
हम आपकी सहायता के लिए उपलब्ध हैं